उत्तराखंड बजट (UTTARAKHAND BUDGET)- 2018
उत्तराखंड
: त्रिवेंद्र सरकार ने पेश किया 45585 करोड़ रुपये का बजट( 23 MARCH 2018)
गैरसैंण
में चल रहे विधानसभा
के बजट सत्र में
वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए उत्तराखंड
की त्रिवेंद्र सरकार ने 45585 करोड़ रुपये का
बजट पेश किया है।
त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल का
यह दूसरा बजट है। पिछले
वित्तीय वर्ष 2017-18 में त्रिवेंद्र सरकार
ने 39957.20 करोड़ का बजट पेश
किया था। वित्तीय वर्ष
2017-18 के मुकाबले यह 14.08 प्रतिशत ज्यादा है।
वित्त
मंत्री प्रकाश पंत ने 45,585 करोड़
का बजट सदन में
पेश किया। सरकार ने जनता पर
किसी तरह का बोझ
नहीं डाला है। कर
रहित बजट में शिक्षा,
ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, लोनिवि, पुलिस, कल्याण योजनाएं, पेयजल एवं शहरों के
विकास को प्राथमिकता दी
गई है। सरकार ने
पहली बार गरीब परिवारों
के मुखिया के लिए आम
आदमी बीमा योजना भी
लागू की है।
23 march
2018, चार बजे वित्त मंत्री
पंत ने सदन में
वित्तीय वर्ष 2018-19 का वार्षिक बजट
प्रस्तुत किया। पंत के सदन
में बजट पढ़ते ही
सत्ता पक्ष के विधायकों
ने मेजें थपथपानी शुरू कर दीं।
पंत ने लगभग एक
घंटा, 50 मिनट तक बजट
पढ़ा। त्रिवेंद्र सरकार का दूसरा बजट
रखते हुए पंत ने
कहा कि बजट ईज
ऑफ डुईंग के साथ ईज
ऑफ लिविंग की दिशा स्थापित
करता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र
रावत ने कहा कि
इस बजट से पहाड़
से मैदान तक, किसान से
मजदूर तक, पर्यटन से
लेकर पलायन रोकने तक, हर क्षेत्र
का पूरा ख्याल रखा
गया है। बजट में
सरकार ने दिखा दिया
है कि युवाओं को
रोजगार देने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने
और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण
के प्रति पूरी तरह गंभीर
है। इसका स्पष्ट और
ठोस रोडमैप बजट में साफ
नजर आ रहा है।
इन सेक्टर पर रहा फोकस
इस बजट में ग्राम्य
विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य पर
सरकार का फोकस रहा
है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड
में पलायन की समस्या पर
काबू पाना है। वहीं
पुलिस के आतंरिक ढांचे
को मजबूत करने पर भी
सरकार का ध्यान गया
है। शिक्षा के बाद सर्वाधिक
बजट ग्राम्य विकास को मिला है।
बजट में देखें तो
पहले नंबर पर शिक्षा,
दूसरे पर ग्राम्य विकास,
तीसरे पर हेल्थ सेक्टर,
चौथे पर सड़क और
पुल निर्माण, पांचवें पर आंतरिक सुरक्षा
(गृह) और छठे नंबर
पर आपदा प्रबंधन को
सरकार ने प्राथमिकता दी
है।
गरीबों
को बीमा
सरकार
ने पहली दफा गरीबी
रेखा से नीचे के
परिवारों पर भी बजट
में फोकस किया है।
परिवार के मुखिया के
लिए आम आदमी बीमा
योजना के लिए 11 करोड़
से अधिक की व्यवस्था
की गई है।
बजट
में जनता के भी
सुझाव
पंत
ने कहा कि यह
ऐतिहासिक बजट है, जिसमें
जनता के सुझाव भी
शामिल किए हैं। प्रत्येक
व्यक्ति की आवश्यकताओं रोटी,
कपड़ा, मकान, पढ़ाई का इसमें
उल्लेख है।
जीडीपी
6.77 प्रतिशत रहने का अनुमान
पंत
ने बताया कि राज्य की
अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष
2017-18 में 2,17,609 करोड़ अनुमानित है
जो कि पिछले वर्ष
की अपेक्षा 22,003 करोड़ ज्यादा है।
मौजूदा वित्तीय वर्ष में वास्तविक
राज्य सकल घरेलू उत्पाद
की वृद्धि दर 6.77 फीसदी अनुमानित है, जो कि
राष्ट्रीय आर्थिक विकास दर से अधिक
है।
बजट
पर एक नजर
25 करोड़
रुपये राज्य में उद्यमियों को
निवेश के लिए
241 करोड़
का प्रावधान किया गया परिवहन
विभाग के लिए
30 करोड़
की व्यवस्था किसानों को ऋण उपलब्ध
कराने को
पर्वतीय
क्षेत्रों में उद्यमिता प्रोत्साहन
व पलायन रोकने को ग्रोथ सेंटर
खुलेंगे
सभी
13 जिलों में दीर्घ अवधि
प्लानिंग के लिए एक-एक पर्यटन स्थल
होगा विकसित
वर्ष
2020 तक राज्य की सभी योजना
में डीबीटी लागू
होम
स्टे के लिए 15 करोड़
की व्यवस्था की
ऋषिकेश
में अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन एवं वैलनेस सिटी
की होगी स्थापना
सौंग
नदी पर 40 करोड़ में बनेगा
बांध
ई विधानसभा को धनराशि की
व्यवस्था
गैरसैंण
में अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन शोध एवं प्रशिक्षण
संस्थान को वित्तीय मंजूरी
भोजन
माताओं की होगी वर्दी
आशा
कार्यकर्ताओं व (ANM)एएनएम के लिए दुर्घटना
बीमा योजना
पंजीकृत
व्यापारियों के लिए आकस्मिक
दुर्घटना बीमा के लिए
बजट का प्रावधान
कामकाजी
महिलाओं के बच्चों की
देखभाल को क्रेच योजना
श्रमिकों
के पुनर्वास के लिए बंधुआ
श्रमिक पुनर्वास योजना
उत्तराखंड
बजट 2018 : त्रिवेंद्र सरकार ने किस विभाग
को दिया बजट,
बजट
के मुख्य बिंदु
वित्तीय
वर्ष 2018-19 में कुल बजट
का 31.55 प्रतिशत खर्च वेतन भत्ते
मजदूरी में होगा खर्च।
वित्तीय
वर्ष 2018 -19 के कुल बजट
का 10.67 प्रतिशत ब्याज में होगा खर्च।
प्रदेश
में ऑर्गेनिक हर्बल स्टेट बनाने के लिए पंद्रह
सौ करोड़ रुपए का बजट
में प्रावधान
विधानसभा
सचिवालय में विधानसभा स्थापना
हेतु धनराशि की व्यवस्था
ग़ैरसैंण
में अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन शोध एवं प्रशिक्षण
संस्थान की स्थापना हेतु
धनराशि की व्यवस्था
ईवीएम
एवं वीवीपैट के लिए बजट
10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की
गई है
भोजन
माताओं को वर्दी उपलब्ध
कराने के लिए तीन
करोड़ रुपये की धनराशि
आशा
कार्यकर्ताओं एवं एएनएम वर्कर्स के
लिए दुर्घटना बीमा योजना
मेट्रो
रेल निर्माण के लिए 86 करोड
रुपए की धनराशि
कामकाजी
महिलाओं के बच्चों के
लिए देखभाल हेतु राष्ट्रीय क्रेच
योजना के अंतर्गत 3 करोड़
70 लाख धनराशि की व्यवस्था
राज्य
में मातृ एवं शिशु
कुपोषण रोकने के लिए 10 करोड़
25 लाख 42 हजार की
धनराशि
BPL परिवारों
के मुखिया हेतु आम आदमी
बीमा योजना में 11 करोड़ 37 लाख 15 हजारकी व्यवस्था
किसानों
के लिए दीनदयाल उपाध्याय
सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 30 करोड़
की व्यवस्था
सौंग
बांध परियोजना हेतु 40 करोड रुपए की
व्यवस्था
नैनीताल
झील के पुनर जी
वितरण हेतु 5 करोड़ रुपये की
व्यवस्था
राज्य
में उद्यमियों को निवेश के
लिए डेस्टिनेशन उत्तराखंड के आयोजन हेतु
25 करोड़ रुपए की धनराशि
की व्यवस्था
प्रदेश
में आर्थिक गतिविधियों पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने
के लिए ग्रोथ सेंटर
की स्थापना , 15 करोड़ की धनराशि की
व्यवस्था
पर्यटन
बढ़ावा के लिए होम
स्टे योजना को 15 करोड़ रुपए।
ग्राम्य
विकास पर फोकस : 2019 तक
गरीबी मुक्त होंगी 1374 ग्राम पंचायतें
बेस
अस्पतालों के लिए अब
तक का सर्वाधिक प्रावधान,
20 करोड़ की व्यवस्था
382.15 करोड़
के घाटे का है
बजट
25 हजार
युवाओं को तकनीकी रूप
से दक्ष बनाने टारगेट,
50 करोड़ का प्रावधान
दो साल के भीतर
ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून
की सभी बसों को
सीएनजी से चलाएंगे
मातृ
पितृ तीर्थाटन योजना में पौड़ी का
तड़केस्वर, रुद्रप्रयाग का कालीमठ, अल्मोड़ा
का जागेश्वर, बागेश्वर का गिराड़ गौलू
और बैजनाथ, पिथौरागढ़ का गंगोलीहाट भी
शामिल।
गैरसैंण
बजट सत्र : उत्तराखंड में बेरोजगारी भत्ता
बंद, डेढ़ लाख नई
नौकरियां देने का वादा
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